Friday, December 2, 2022
Home ब्लॉग आत्मनिर्भरता की पहल

आत्मनिर्भरता की पहल

मंगलवार को जब संसद में वित्तमंत्री निर्मला सीतारमण ने अपना चौथा आम बजट पेश किया तो कई मायनों में यह अलग था। कई परंपराएं बदलीं, ये पेपरलेस बजट और भाषण संक्षिप्त था। पांच राज्यों के चुनाव के बीच आये बजट में भले ही नये करों का प्रावधान नहीं था, लेकिन यह लोकलुभावन बजट भी नहीं था। वर्ष 2022-23 के बजट में नौकरीपेशा वर्ग को आयकर में छूट न मिलने पर निराशा जरूर हुई, जो कोरोना संकट में आय संकुचन के दौर में राहत की उम्मीद लगाये हुए था। दरअसल, सरकार का पूरा ध्यान इन्फ्रास्ट्रक्चर पर रहा। लेकिन महंगाई और बेरोजगारी दूर करने को बड़ी पहल होती नजर नहीं आई। सरकार का कहना है कि अमृतकाल में देश को आत्मनिर्भर बनाने की पहल हुई है।

इसके अलावा भारत में दखल बनाती क्रिप्टो करंसी पर तीस फीसदी टैक्स लगाने, इसके लेन-देन में टीडीएस लगाने, आरबीआई द्वारा इस वर्ष डिजिटल करंसी जारी करने, डाकघरों को मुख्य बैंकिंग व्यवस्था से जोडऩे, ई-पासपोर्ट सेवा आरंभ करने जैसी कई महत्वपूर्ण घोषणाएं बजट में की गई। वहीं पूर्वोत्तर के विकास हेतु 1500 करोड़ रुपये आवंटित करने तथा आगामी तीन सालों में चार सौ वंदे भारत ट्रेनों के परिचालन की घोषणा की गई। सरकार ने अर्थव्यवस्था में गति लाने के क्रम में राजस्व घाटा 6.4 फीसदी रहने का अनुमान जताया है तथा वर्ष 2022-23 में कुल खर्च 39.45 लाख करोड़ रुपये रहने का आकलन है। वहीं विपक्ष कह रहा है कि देश में रिकॉर्ड महंगाई और बेरोजगारी को नियंत्रित करने के लिये कोई ठोस पहल नहीं हुई है। कोरोना संकट से जूझते आम आदमी को यह बजट राहत नहीं देता। यह भी कि एक ओर सरकार सौर ऊर्जा को बढ़ावा तथा पर्यावरण सुरक्षा को प्राथमिकता देने की बात करती है, वहीं नदी जोड़ योजना के जरिये पारिस्थितिकीय संतुलन से खिलवाड़ कर रही है।

दरअसल, लगातार दो साल से महामारी का दंश झेल रहे और आय के स्रोतों के संकुचन से त्रस्त लोग आस लगाये बैठे थे कि सरकार की तरफ से उनकी क्रयशक्ति बढ़ाने की दिशा में पहल होगी। मगर सरकार ने आपूर्ति शृंखला को ही प्राथमिकता दी है। लेकिन आपूर्ति बढ़ाना तभी सार्थक होगा, जब लोगों की क्रय क्षमता बढऩे से बाजार में मांग बढ़ेगी। वह भी उन वैश्विक रिपोर्टों के बीच कि कोरोना संकट में देश के अस्सी फीसदी लोगों की आय में संकुचन हुआ है और अमीर लोगों की आय दुगुनी से अधिक हो गई है। वहीं लंबे किसान आंदोलन के बाद उम्मीद थी कि सरकार किसानों को राहत देने के लिये कुछ बड़ा करेगी क्योंकि प्रधानमंत्री ने इस साल तक किसानों की आय दुगुनी करने का लक्ष्य रखा था। कुछ लोग देश की आधी आबादी को रोजगार देने वाले कृषि क्षेत्र की आय को बढ़ाने के लिये बड़ी पहल की उम्मीद कर रहे थे।

निस्संदेह कोरोना संकट में कृषि क्षेत्र ने ही भारतीय अर्थव्यवस्था को संबल दिया था। वहीं पीएम किसान सम्मान निधि में वृद्धि की उम्मीद भी जतायी जा रही थी। हालांकि, बजट में किसान ड्रोन, प्राकृतिक खेती, लैंड डिजिटाइजेशन, एमएसपी के लिये 2.37 लाख करोड़ रखने, नाबार्ड के जरिये कृषि स्टार्टअप्स के वित्तीय पोषण, 1208 मीट्रिक टन धान-गेहूं की खरीद के प्रावधान रखने से किसानों को राहत देने की पहल जरूर हुई है। दूसरी ओर वक्त की जरूरत के हिसाब से एनिमेशन, विजुअल इफेक्ट, गेमिंग और कॉमिक्स सेक्टर में रोजगार को बढ़ावा देने के लिये प्रमोशन टास्क फोर्स बनाने का फैसला किया गया है। साथ ही व्यावसयिक शिक्षा के लिए डिजिटल यूनिवर्सिटी बनाने का निर्णय हुआ है। अगले पांच साल के लिये छह हजार करोड़ रुपये का प्रावधान बताता है कि एमएसएमई सरकार की प्राथमिकताओं में शामिल है। दो लाख आंगनवाड़ी अपग्रेड करने का मकसद कुपोषण व अशिक्षा के खिलाफ लड़ाई को तेज करने का प्रयास है। लेकिन हेल्थ सेक्टर में महामारी के दौर में अपेक्षित बजट वृद्धि की कमी खलती है।

इसके बावजूद साठ लाख रोजगारों का सृजन, अस्सी लाख घर बनाने का लक्ष्य, डाकघरों में एटीएम, पीएम ई-विद्या टीवी चैनल बढ़ाने तथा पच्चीस हजार किलोमीटर राष्ट्रीय राजमार्ग बनाने का लक्ष्य सरकार के कल्याणकारी एजेंडे को ही दर्शाता है।

RELATED ARTICLES

विपक्ष से दूरी क्यों बना रहे हैं केजरीवाल?

आम आदमी पार्टी के सुप्रीमो और दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने पिछले दो हफ्ते में दो बार कहा है कि वे विपक्षी गठबंधन...

गुजरात चुनाव में पुराने मुद्दों की वापसी

गुजरात के विधानसभा चुनाव में उन तमाम पुराने मुद्दों की वापसी हो गई है, जिन पर 2002 और उसके बाद के चुनाव नरेंद्र मोदी...

गुजरात को ऐसे जीतना क्या जीतना?

हरिशंकर व्यास नरेंद्र मोदी गुजरात जीतेंगे लेकिन योगी आदित्यनाथ के बूते यदि जीते तो मोदी-शाह के लिए क्या डूबने वाली बात नहीं? यदि आम आदमी...

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

- Advertisment -

Latest Post

धर्म रक्षक धामी, उत्तराखंड में धर्मांतरण पर बना सख्त कानून, देशभर के साधु-संतों में हर्ष की लहर, मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी को मिल रही...

देहरादून। उत्तराखंड विधानसभा में धर्मांतरण पर सख्त कानून बनने से देश के संत-समाज में हर्ष की लहर दौड़ गई है। तमाम साधु-संतों की ओर...

एक्शन में स्वास्थ्य सचिव डॉ. आर. राजेश कुमार, उत्तराखंड स्वास्थ्य विभाग में जल्द भरें जायेंगे खाली पड़े पद, दूर होगी अस्पतालों में दवाइयों की...

देहरादून । उत्तराखंड स्वास्थ्य विभाग में खाली पड़े पद जल्द भरे जायेंगे। स्वास्थ्य महानिदेशालय में हुई समीक्षा बैठक में स्वास्थ्य सचिव डॉ. आर. राजेश...

आज थम जाएगा एमसीडी चुनाव को लेकर हो रहा प्रचार का शोर

दिल्ली। एमसीडी चुनाव को लेकर हो रहे प्रचार का शोर आज बंद हो जाएगा, लेकिन उम्मीदवार बिना किसी तामझाम के मतदाताओं से संपर्क साध सकते...

सीएम धामी ने राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा से शिष्टाचार भेंट कर दी जन्मदिवस की शुभकामना

देहरादून। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने शुक्रवार को नई दिल्ली में भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष जे. पी नड्डा से शिष्टाचार भेंट की और...

पहाड़ी इलाकों में हुई बर्फबारी के बाद प्रदेशभर में बढ़ी ठंड, बद्रीनाथ धाम में भी पड़ रही कड़ाके की ठंड

चमोली। उत्तराखंड के पहाड़ी इलाकों में बीते दिनों हुई बर्फबारी के बाद अब प्रदेशभर में ठंड बढ़ने लगी है। सुबह और शाम लोगों को अलाव...

खेल रत्न पुरस्कार से सम्मानित हुए शरत कमल

नयी दिल्ली।  भारत के दिग्गज टेबल टेनिस खिलाड़ी अचंत शरत कमल को यहां राष्ट्रपति भवन में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू द्वारा मेजर ध्यान चंद खेल रत्न...

प्रदेश सरकार ने प्रारंभिक शिक्षा की दशा सुधारने के लिए लिया बड़ा फैसला

देहरादून। प्रदेश सरकार ने प्रारंभिक शिक्षा की दशा सुधारने के लिए बड़ा निर्णय लिया है। राजकीय प्राथमिक और उच्च प्राथमिक विद्यालयों में एकल शिक्षक व्यवस्था...

सरकार के जल शक्ति मंत्रालय का ट्विटर हैंडल हुआ हैक, जांच में जुटी सुरक्षा एजेंसियां  

नई दिल्ली।  हैकर्स ने आज सुबह केंद्रीय जल शक्ति मंत्रालय का ट्विटर हैंडल हैक कर लिया। सिक्योरिटी एजेंसी और साइबर एक्सपर्ट इस मामले की...

राष्ट्रपति के दौरे को लेकर जिलाधिकारी ने दिए कार्यक्रम स्थलों पर व्यवस्था चाक-चौबंद बनाने के निर्देश

देहरादून। आगामी आठ दिसंबर को राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु दो दिवसीय दौरे पर दून पहुंच रही हैं। राष्ट्रपति यहां नौ नवंबर को पहले मसूरी में...

कृष्णा फल को डाइट में करें शामिल, मिलेंगे स्वास्थ्य से जुड़े कई फायदे

कृष्णा फल एक पौष्टिक फल है, जिसे भारत समेत दक्षिण अमेरिका, कैरिबियन, दक्षिण फ्लोरिडा, दक्षिण अफ्रीका और एशिया में उगाया जाता है। इस फल...