Wednesday, December 7, 2022
Home उत्तराखंड यह तो हद हो गई! कोरोना योद्धा कर्ज में डूबे,छह महीने से...

यह तो हद हो गई! कोरोना योद्धा कर्ज में डूबे,छह महीने से तनख्वाह को तरसे

देहरादून। कोरोना संक्रमण के दौरान अपनी जान की परवाह किए बिना लोगों की सेवा करने वाले कोरोना योद्धा कर्ज में डूबे हुए हैं। पिछले कई महीनों से तनख्वाह नहीं मिलने की वजह से योद्धाओं की आर्थिक स्थिति भी ठीक नहीं है। हजारों लोगों को कोरोना संक्रमण से उबारने, बचाने और जागरूक करने वाले कोरोना योद्धा खुद बदहाली में जी रहे हैं। सरकारी सुस्ती और अनदेखी का आलम यह है कि कोरोनाकाल में जिन कोरोना योद्धाओं ने दिन-रात नहीं देखा, उन्हें छह महीने से तनख्वाह तक के लिये तरसा दिया गया है। कोरोना योद्धा कर्ज में डूब गये हैं, मकान का किराया, राशन का खर्चा तक कर्ज लेकर देना पड़ रहा है। कोरोना संक्रमण के दौरान जब लोग अपने परिजनों तक से दूरी बनाने लगे थे, तब नैनीताल जिले में 50 से ज्यादा कोरोना योद्धा व्यवस्थाएं बनाने, मरीजों की देखभाल तक का काम करने में डटे थे।

ठेके पर रखे गये इन कर्मचारियों के जिम्मे कोरोना मरीजों की सैंपलिंग, कांटेक्ट ट्रेसिंग, आइसोलेशन, कोविड सेंटर की जिम्मेदारी, ब्लड टेस्ट जैसे काम सौंपे गये थे। अपनी और अपने परिजनों की सेहत की परवाह किये बिना ये कर्मचारी महीनों तक लगातार 24-24 घंटे काम करते रहे। लेकिन, संक्रमण कम होते ही जैसे इन लोगों को भुला दिया गया। हालात यह है कि पिछले छह माह से इन कर्मचारियों को निर्धारित वेतन तक नहीं दिया गया है। हालांकि, ये कर्मचारी आज भी सिर्फ इस आस में काम कर रहे हैं कि शायद एक दिन उनका वेतन जारी हो जायेगा। घर का किराया, राशन, बच्चों की फीस जैसे खर्चों के लिये वे लगातार कर्ज में डूब रहे हैं।

हैरत की बात यह है कि वेतन मांगने पर इन्हें नौकरी से ही निकालने का आदेश दे दिया गया है। कर्मचारियों का कहना है कि कोरोना ड्यूटी करने पर उन्हें प्रमाण पत्र और इन्सेंटिव देने का वादा किया गया था। वादा पूरा करना तो दूर उन्हें पिछले छह माह से सैलरी तक नहीं दी गई है। लेकिन अब तीसरी लहर की लगातार बढ़ती आशंकाओं के बीच उन्हें डर सताने लगा है। बिना वेतन बढ़ते काम के दबाव और कर्ज के साथ वे कैसे काम करेंगे यह चिंता उन्हें खाये जा रही है। उस पर डर यह भी है कि अगर वेतन की मांग की और नौकरी से निकाल दिया गया तो वे कोरेाना के बीच कैसे अपने परिवार का गुजारा करेंगे। न इंश्योरेंस, न इलाज की कोई सुविधा कर्मचारियों ने बताया कि उन्हें न तो बीमा योजना का लाभ मिलता है, न ही उनके लिये इलाज की कोई ठोस व्यवस्था है। हालत यह है कि अस्पतालों, कांटेक्ट ट्रेसिंग के काम के बाद वे सीधे अपने घर लौटते हैं। इससे उनके परिजनों पर भी खतरा बना रहता है। कभी आशंका लगती है तो वे खुद ही एक-दूसरे की जांच कर लेते हैं। एनएचएम भर्ती में प्राथमिकता दी जाये इन कर्मचारियों की मांग है कि राज्य में जारी एनएचएम भर्ती में उन्हें प्राथमिकता दी जाये। उनका कहना है कि वे जान जोखिम में डाल कर कोरोना शुरू होने के बाद से ही ठेके पर ड्यूटी कर रहे हैं। अब जब एनएचएम की भर्ती हो रही है तो अन्य जगह से स्वास्थ्य कर्मचारियों को रखा जा रहा है जिससे सभी में रोष है। इन स्वास्थ्य कर्मियों के वेतन की व्यवस्था विशेष मद से की जाती है। उनके वेतन का मसला शासन स्तर पर रखा गया है। कर्मचारियों को जल्द से जल्द वेतन दिलाने के पूरे प्रयास किए जा रहे हैं।
डॉ. तृप्ति बहुगुणा, स्वास्थ्य महानिदेशक, स्वास्थ्य विभाग उत्तराखंड

RELATED ARTICLES

CM धामी ने डी.आई.टी कॉलेज में आयोजित उच्च शिक्षा चिंतन शिविर के अंतर्गत राज्य स्तरीय नैक प्रत्यायन कार्यशाला एवं प्रशिक्षण कार्यक्रम में किया प्रतिभाग

देहरादून। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने बुधवार को डी.आई.टी कॉलेज, देहरादून में आयोजित उच्च शिक्षा चिंतन शिविर के अंतर्गत राज्य स्तरीय नैक प्रत्यायन कार्यशाला...

कल जारी होंगे पुलिस कांस्टेबल भर्ती के एडमिट कार्ड

देहरादून। प्रदेश में पुलिस कांस्टेबल के 1521 पदों पर भर्ती की परीक्षा के लिए उत्तराखंड लोक सेवा आयोग आठ दिसंबर को एडमिट कार्ड जारी करेगा।...

उच्च शिक्षा विभाग में रिटायरमेंट के करीब तो अब नहीं बन सकेंगे निदेशक, जानिए वजह

देहरादून। उच्च शिक्षा विभाग में डॉ. ललित प्रसाद शर्मा मात्र 11 दिन और डॉ. गंगोत्री त्रिपाठी व डॉ. नारायण प्रकाश माहेश्वरी 30-30 दिन के...

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

- Advertisment -

Latest Post

CM धामी ने डी.आई.टी कॉलेज में आयोजित उच्च शिक्षा चिंतन शिविर के अंतर्गत राज्य स्तरीय नैक प्रत्यायन कार्यशाला एवं प्रशिक्षण कार्यक्रम में किया प्रतिभाग

देहरादून। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने बुधवार को डी.आई.टी कॉलेज, देहरादून में आयोजित उच्च शिक्षा चिंतन शिविर के अंतर्गत राज्य स्तरीय नैक प्रत्यायन कार्यशाला...

कल जारी होंगे पुलिस कांस्टेबल भर्ती के एडमिट कार्ड

देहरादून। प्रदेश में पुलिस कांस्टेबल के 1521 पदों पर भर्ती की परीक्षा के लिए उत्तराखंड लोक सेवा आयोग आठ दिसंबर को एडमिट कार्ड जारी करेगा।...

उच्च शिक्षा विभाग में रिटायरमेंट के करीब तो अब नहीं बन सकेंगे निदेशक, जानिए वजह

देहरादून। उच्च शिक्षा विभाग में डॉ. ललित प्रसाद शर्मा मात्र 11 दिन और डॉ. गंगोत्री त्रिपाठी व डॉ. नारायण प्रकाश माहेश्वरी 30-30 दिन के...

24 दिसंबर को होंगे उत्‍तराखंड के डिग्री कॉलेजों में छात्रसंघ चुनाव

देहरादून। राज्य में छात्रसंघ चुनाव 24 दिसंबर को होंगे। कुमाऊं विवि, अल्मोड़ा विवि अन्य विवि के कुलपतियों की कमेटी की बैठक में यह निर्णय...

हिमाचल विधानसभा चुनाव: रिवाज बदलेगा या राज, कड़े मुकाबले के बीच होगा कल फैसला

हिमाचल। हिमाचल प्रदेश विधानसभा के चुनावी नतीजे गुरुवार 8 दिसंबर को आएंगे। इसके लिए भाजपा और कांग्रेस दोनों ही दलों की धुकधुकी बढ़ गई है।...

चारधाम यात्रा में हेली सेवाओं के टिकटों की कालाबाजारी रोकने को लेकर CM धामी ने दिए सख्त निर्देश

देहरादून। चारधाम यात्रा में हेली सेवाओं के टिकटों की कालाबाजारी रोकने को मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने सख्त निर्देश दिए हैं। उन्होंने अधिकारियों को...

फिर विवादों में एलन मस्क , इंसानी दिमाग में चिप लगाने वाली कंपनी के खिलाफ जांच शुरू

वॉशिंगटन।  ट्विटर के मालिक और अरबपति कारोबारी एलन मस्क मुसीबत में फंसते नजर आ रहे हैं। इंसानी दिमाग में चिप लगाने का दावा करने...

प्री-डायबिटीज से बचाव के लिए अपनाएं ये 5 तरीके

प्री-डायबिटीज का मतलब है कि आपके रक्त शर्करा का स्तर सामान्य से अधिक हो रहा है, जिसे समय रहते नियंत्रित करना महत्वपूर्ण है। अगर...

कांतारा में गाने वराह रूपम की हुई वापसी, बैन हटने के बाद दर्शकों ने जताई खुशी

ऋषभ शेट्टी की फिल्म कांतारा सिनेमाघरों में धमाल मचाने के बाद कुछ समय पहले ही ओटीटी पर रिलीज हुई है। हालांकि, दर्शक फिल्म में...

राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू के प्रस्तावित भ्रमण कार्यक्रम को लेकर दून पुलिस ने की सुरक्षा की कड़ी व्यवस्था

देहरादून।  राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू के आठ और नौ दिसंबर को प्रस्तावित भ्रमण कार्यक्रम के लिए दून पुलिस ने सुरक्षा व्यवस्था कड़ी की है। राष्ट्रपति...