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जिला कार्यसमिति की बैठक में प्रभारी मंत्री रेखा आर्या ने कार्यकर्ताओं में भरा जोश, दिए आगामी चुनावों को लेकर दिशा निर्देश

वर्तमान बजट है सर्वजन हिताय और सर्वजन सुखाय -रेखा आर्या

मोदी और धामी के नेतृत्व में प्रदेश का हो रहा चौमुखी विकास-रेखा आर्या

केंद्र और राज्य सरकार की कल्याणकारी योजनाओं को पहुंचाए हर घर तक-रेखा आर्या

चंपावत की प्रभारी मंत्री रेखा आर्या ने ली कार्यसमिति की बैठक

चंपावत। आज चंपावत की प्रभारी मंत्री व उत्तराखंड सरकार में कैबिनेट मंत्री रेखा आर्या ने कार्यसमिति की बैठक ली।बैठक से पहले मंत्री रेखा आर्या का जिलाध्यक्ष व कार्यकर्ताओं द्वारा स्वागत किया गया तत्पश्चात दीप प्रज्वलन व वंदेमातरम के साथ बैठक आहूत की गई। बैठक में मंत्री रेखा आर्या ने कार्यकर्ताओं को जरूरी आगामी चुनावों को लेकर जरूरी दिशा निर्देश दिए।

इस अवसर पर प्रभारी मंत्री ने कार्यकर्ताओ को आगामी चुनावी रणनीति को धार देने के साथ ही ठोस कार्ययोजना को अंतिम रूप दिया। कहा कि प्रदेश सरकार के कामकाज की समीक्षा के साथ ही सरकार व संगठन में सामंजस्य भी चर्चा के मुख्य एजेंडा में शामिल है। मंत्री रेखा आर्या ने कहा कि आगामी समय मे देश मे लोकसभा व प्रदेश में निकाय चुनाव होने वाले हैं, ऐसे में भाजपा हर प्रकार की चुनौती का सामना करने को तैयार है।

साथ ही कैबिनेट व प्रभारी मंत्री ने कार्यकर्ताओ से कहा कि केंद्र व राज्य सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओ को सभी लोग हर व्यक्ति तक पहुंचाए। हमारी कोशिश है कि हम हर जरूरतमंद तक सरकार की जनउपयोगी योजनाओ को पहुंचाए इसके लिए हमे कार्य करना चाहिए। सरकार की योजनाओ के बारे में बताते हुए प्रभारी मंत्री रेखा आर्य ने कहा के देश में मोदी के नेतृत्व में आज देश का चौमुखी विकास हो रहा है। आज प्रदेश में भी धामी कुशल नेतृत्व में कई सारी योजनाए चलाई जा रही हैं।

वर्तमान बजट है सर्वजन हिताय और सर्वजन सुखाय -रेखा आर्या

इस दौरान प्रभारी मंत्री रेखा आर्या ने बजट पर बात करते हुए सर्वप्रथम प्रधानमंत्री व वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण का धन्यवाद व्यक्त किया और कहा कि वर्तमान बजट सर्वजन हिताय और सर्वजन सुखाय वाला है। इस बजट में हर व्यक्ति का ध्यान रखा गया है। उन्होंने कहा कि आम बजट किसान, मजदूर, व्यापारी, महिलाओं, उद्योगपतियों समेत सभी वर्गों को राहत देने वाला है। इससे किसानों की आय बढ़ेगी। बताते चलें कि उत्तराखंड में भाजपा वर्ष 2014 के लोकसभा चुनाव से अब तक के प्रत्येक चुनाव में अजेय बनी हुई है। अब उसके सामने लोकसभा चुनाव में हैट्रिक लगाने की चुनौती है। इसे देखते हुए पार्टी अभी से तैयारियों में जुट गई है जिसे लेकर पार्टी अभी से तैयारियों में जुट गई है। इसी के मद्देनजर कैबिनेट मंत्री व जनपद की प्रभारी मंत्री रेखा आर्या ने आज जिला कार्यसमिति की बैठक ली जिसमे उनके द्वारा कार्यकर्ताओ को आगामी चुनावों को लेकर जरूरी दिशा निर्देश देने के साथ ही अभी से तैयारी करने के निर्देश भी दिए गए।

इस अवसर पर जिलाध्यक्ष निर्मल माहरा,महामंत्र राजेन्द्र बिष्ट ,जिला महामंत्री  मुकेश कलखुडिया ,विकास शर्मा सहित पार्टी कार्यकर्ता उपस्थित रहे।

अडानी ग्रुप के शेयरों में लौटी रौनक, हिंडनबर्ग रिपोर्ट के बाद पहली बार 20 प्रतिशत तक चढ़ गए भाव

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नई दिल्ली। अडानी ग्रुप के शेयरों में मंगलवार को रौनक लौट आई। ग्रुप की 10 लिस्टेड कंपनियों में से 8 में बढ़त के साथ कारोबार हो रहा था। अडानी ट्रांसमिशन, अडानी एंटरप्राइजेज, अडानी विल्मर, अडानी ग्रीन और अडानी पोर्ट्स के शेयरों में अच्छी खरीदारी हो रही है। अडानी एंटरप्राइजेज के शेयर आज मंगलवार को शुरुआती कारोबार में 20प्रतिशत तक चढ़ गए।

कंपनी के शेयर 1886.85 रुपये पर ट्रेड कर रहे हैं। वहीं, खबर लिखे जाने तक अडानी ट्रांसमिशन के शेयरों में 5त्न तक की तेजी थी। कंपनी के शेयर 1,317.60 रुपये पर ट्रेड कर रहे थे। बता दें कि अडानी ट्रांसमिशन के शेयरों में तेजी के पीछे शानदार तिमाही नतीजें हैं। वहीं, अडानी पोर्ट्स के शेयरों में आज 3.38त्न की तेजी है। इसके अलावा अडानी विल्मर के शेयर आज 5प्रतिशत के अपर सर्किट में पहुंच गए हैं। अडानी ग्रीन के शेयरों में भी 1त्न से अधिक की तेजी है।

बता दें कि आज अडानी ग्रीन, अडानी पोर्ट और अंबुजा सीमेंट के तीमाही नतीजें आने वाले हैं। अडानी ग्रुप की कंपनी अडानी ट्रांसमिशन ने सोमवार को दिसंबर तिमाही के नतीजें जारी कर दिए। कंपनी को (अक्टूबर से दिसंबर तक) में 474.7 करोड़ रुपए का नेट प्रॉफिट हुआ है। यह एक साल पहले 267 करोड़ रुपए के मुकाबले 77.8त्न अधिक है। वहीं, कंपनी का रेवेन्यू 22त्न बढ़ा है और मार्जिन 41.6प्रतिशत तक बढ़ा है। अडानी टोटल गैस, अडानी पावर के शेयरों में आज 5त्न का लोअर सर्किट है। अडानी के शेयरों में 5प्रतिशत का अपर सर्किट लगा है। अंबुजा सीमेंट के शेयरों में भी मामूली तेजी है।

 प्रियांशु हत्याकांड- आरोपी रोशन की प्रेमिका भी हत्या में शमिल, बातों में उलझाकर बुलाया था नहर के पास 

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झारखंड। गोला के चर्चित प्रियांशु हत्याकांड में नया मोड़ आ गया है। प्रियांशु की हत्या में शामिल रोशन कुमार की प्रेमिका ने घटना के दिन यानी 26 जनवरी को प्रियांशु को अपने मोबाइल से फोन किया था। उसने नाम बदलकर प्रियांशु से बात की और उसे बातों में उलझाकर नहर के पास बुलाया। प्रियांशु से बात के दौरान लड़की ने रोशन को भी कॉन्फ्रेंस पर रखा था। उसने बड़ी चालाकी से प्रियांशु को अपनी बातों में उलझाकर उसे किसान हाई स्कूल डभातु के नहर की तरफ बुलवाया। इसके बाद जैसे ही प्रियांशु वहां पहुंचा, आरोपियों ने उस पर हमला कर दिया और शव को कुएं में डाल दिया। पुलिस जांच में यह तथ्य उभरकर सामने आया है।इधर, मंगलवार को मृतक युवक प्रियांशु के पिता व्यवसायी मनोज कुमार ने एसपी को पत्र लिखा है। इसमें उन्होंने आरोप लगाया है कि रामगढ़ एसडीपीओ किशोर कुमार रजक, गोला थाना प्रभारी सिद्धांत और केस के आईओ एसआई विक्रम सिंह उनके बेटे की हत्या में शामिल लड़की सहित अन्य लोगों की गिरफ्तारी में कोताही बरत रहे हैं। पुलिस ने केवल हत्या में शामिल एक अपराधी रोशन कुमार को गिरफ्तार कर जेल भेजा है।

मृतक के पिता ने पत्र की प्रतिलिपि मुख्यमंत्री, डीजीपी और राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग दिल्ली को सौंपी है। इस दौरान उन्होंने कहा कि उनके बेटे के पोस्टमार्टम रिपोर्ट से स्पष्ट है कि उसकी हत्या कई लोगों ने मिलकर की है लेकिन पुलिस ने केवल एक ही अपराधी को पकड़ा है। पुलिस अनुसंधान अन्य आरोपितों को बचाने में लगी है।उन्होंने कहा कि हत्या में गिरफ्तार किए गए रोशन कुमार ने पुलिस को बयान दिया कि उसने अपनी प्रेमिका को एक षड्यंत्र के तहत ही प्रियांशु का नंबर देकर उसे सुनसान स्थान में बुलाया था।

हत्या में पूरी तरह से उसकी प्रेमिका भी शामिल है। साथ ही तीन चार लोगों ने मिलकर उसकी हत्या की है। इसलिए उसकी प्रेमिका सहित अन्य संलिप्त अपराधियों की गिरफ्तारी की जाए। एसडीपीओ रामगढ़ किशोर कुमार रजक ने कहा कि प्रियांशु हत्याकांड की जांच अभी पूरी नहीं हुई है। इस हत्याकांड में शामिल अन्य लोगों की भी गिरफ्तारी होगी। पुलिस इसके लिए साक्ष्य जुटाने में लगी है। पुलिस हत्या के मुख्य आरोपी को जेल भेज चुकी है। पुलिस अनुसंधान में किसी तरह की कोताही नहीं बरत रही है।

तुर्की में आज फिर भूकंप, मरने वालों की संख्या 4000 के पार, हर तरफ तबाही ही तबाही

इस्तांबुल। तुर्की में आज फिर से भूकंप के झटके लगे हैं। यह भूकंप सेंट्रल तुर्की में आया है जहां उसकी तीव्रता 5.6 रही। वहीं तुर्की-सीरिया में मंगलवार को आए भूकंप में मरने वालों की संख्या 4000 से अधिक हो गई है। हजारों लोग घायल हुए। दोनों देशों में भारी नुकसान हुआ। इसमें ईंधन पाइपलाइनों और तेल रिफाइनरियों में आग भी शामिल है। दोनों देशों की सीमा पर सोमवार तडक़े रिक्टर पैमाने पर 7.8 तीव्रता का भूकंप आया। बचाव दल जैसे ही ढही इमारतों के मलबे के नीचे से फंसे लोगों को निकालने और प्रभावितों के लिए आश्रय की व्यवस्था करने में जुटा, वैसे ही एक और भूकंप का एक और झटका आया।

इसकी तीव्रता 7.5 थी। इससे क्षेत्र को हिला दिया। तुर्की के उप राष्ट्रपति फुआत ओकटे के अनुसार उनके देश में मरने वालों की संख्या बढक़र 2,379 हो गई है, जबकि दो भूकंपों के बाद 14,483 से अधिक लोग घायल हुए हैं। उन्होंने कहा कि दोनों भूकंपों के बाद 145 आफ्टरशॉक्स आए, इनमें से तीन की तीव्रता 6 से अधिक थी। बीबीसी की रिपोर्ट के अनुसार सीरिया में सरकार और विद्रोहियों के कब्जे वाले क्षेत्रों में मरने वालों की संख्या 1,444 से ऊपर हो गई है। सोमवार तडक़े तुर्की के गाजियांटेप के पास 7.8 तीव्रता का भूकंप आया। इसके झटके काहिरा से बेरूत, बगदाद समेत पूरे मध्य पूर्व क्षेत्र में महसूस किए गए। इसने इटली को सुनामी की चेतावनी घोषित करने के लिए भी प्रेरित किया। 7.5 तीव्रता का नया झटका दोपहर करीब 1.30 बजे आया। प्रभावित क्षेत्रों की तस्वीरें दिल दहला देने वाली हैं। कुछ प्राचीन सांस्कृतिक स्थलों को भी नुकसान पहुंचा है। सार्वजनिक और निजी संपत्ति का व्यापक विनाश हुआ है।

तुर्की के राष्ट्रपति रेसेप तैयप एर्दोगन के सलाहकार इनूर सेविक ने आपदा को व्यापक और विनाशकारी करार देते हुए कहा कि जीवित बचे लोगों को खोजने की कोशिश में संसाधनों की कोई कमी नहीं है। सेविक ने बताया, जो लोग जो मलबे के नीचे फंसे हैं, उन्हें मौसम और खराब होने के पहले निकालना होगा। इन्हें बचाने के लिए युद्ध स्तर पर प्रयास किया जा रहा है। उन्होंने कहा, हमारे पास रडार है, बॉडी सेंसर हैं, लेकिन आप जानते हैं कि इतनी व्यापक तबाही है कि आप हर जगह नहीं पहुंच सकते। आरटी ने बताया कि भूकंप के झटके तुर्की के 10 प्रांतों कहारनमारस, गाजियांटेप, सान्लिउर्फा, दियारबाकिर, अदाना, अदियामन, मालट्या, उस्मानिया, हटे और किलिस और सीरिया के उत्तरी अलेप्पो, हमा, लताकिया और टार्टस में महसूस किए गए। दोनों देशों में भूकंप ने प्रमुख बुनियादी ढांचों को नुकसान पहुंचाया। ऑनलाइन प्रसारित फुटेज के अनुसार तुर्की के किलिस प्रांत में प्राकृतिक गैस पाइपलाइनें फट गईं। इससे आग की लपटें उठने लगीं। तेल और खनिज संसाधन मंत्रालय ने बताया कि सीरिया के सबसे बड़े बनियास शहर में एक रिफाइनरी की बिजली इकाई की चिमनी में दरार के कारण इसे कम से कम 48 घंटों के लिए बंद दिया गया। एहतियात के तौर पर ट्रेन सेवाएं भी बंद कर दी गईं। दुनिया भर के देशों के नेताओं ने तुर्की और सीरिया में बचाव प्रयासों में मदद के लिए सहयोग का संकल्प व्यक्त किया है। संयुक्त राष्ट्र संघ में एक मिनट का मौन रखा गया।

रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने अपने तुर्की और सीरियाई समकक्ष रेसेप तैयप एर्दोगन और बशर अल असद को शोक संदेश भेजा और कहा कि उनकी सरकार मदद के लिए तैयार है। आरटी ने बताया कि आपदा स्थलों पर सहायता के लिए दोनों देशों में रूसी बचाव दल भेजे गए हैं।

अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडेन ने एक ट्वीट में कहा, तुर्की और सीरिया में भूकंप के कारण हुई जनहानि और तबाही से मुझे गहरा दुख हुआ है। मैंने अपनी टीम को निर्देश दिया है कि वह तुर्की के साथ समन्वय कर हरसंभाव सहायता प्रदान करे।
ब्रिटेन के प्रधान मंत्री ऋषि सुनक ने एक बयान में कहा, मेरे विचार आज सुबह तुर्की और सीरिया के लोगों के साथ हैं, विशेष रूप से उन लोगों के साथ, जो भूकंप से फंसे लोगों को बचाने के लिए बहादुरी से काम कर रहे हैं। यूके किसी भी तरह से मदद करने के लिए तैयार है।

फ्रांसीसी राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रॉन ने दोनों देशों में हुए नुकसान को भयानक बताया और कहा कि उनका देश आपातकालीन सहायता प्रदान करने के लिए तैयार है, जबकि जर्मन चांसलर ओलाफ स्कोल्ज ने कहा कि उनका देश मारे गए लोगों के रिश्तेदारों के साथ शोक मना रहा है और उन्हें बेशक मदद भेजेगा।
भारत ने कहा कि वह संकट की इस घड़ी में तुर्की की मदद के लिए तैयार है। भूकंप पर चिंता और सदमा व्यक्त करते हुए प्रधान मंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि भारत के 140 करोड़ लोग तुर्की में भूकंप पीडि़तों के साथ हैं।

राष्ट्रपति एर्दोगन के एक ट्वीट के जवाब में मोदी ने कहा, तुर्की में भूकंप के कारण जनहानि और संपत्ति के नुकसान से दुखी हूं। शोक संतप्त परिवारों के प्रति संवेदना। घायलों के जल्द स्वस्थ होने की कामना करता हूं। भारत वहां के लोगों के साथ एकजुटता के साथ खड़ा है। वह इस त्रासदी से निपटने के लिए तुर्की को हर संभव सहायता देने के लिए तैयार है।
विदेश मंत्रालय ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी के तुर्की में भूकंप से निपटने के लिए हर संभव सहायता देने के निर्देश के आलोक में प्रधान मंत्री के प्रधान सचिव पी.के. मिश्रा ने तत्काल राहत उपायों पर चर्चा करने के लिए एक बैठक की।
इसमें कहा गया है कि विशेष रूप से प्रशिक्षित डॉग स्क्वॉड और आवश्यक उपकरणों के साथ 100 कर्मियों वाली एनडीआरएफ की दो टीमें खोज और बचाव कार्यों के लिए तुर्की जाने के लिए तैयार हैं।

आवश्यक दवाओं के साथ प्रशिक्षित डॉक्टरों और पैरामेडिक्स के साथ मेडिकल टीमें भी तैयार की जा रही हैं। राहत सामग्री तुर्की सरकार के समन्वय से भेजी जाएगी। इजराइल ने कहा है कि वह तुर्की और सीरिया दोनों में खोज और बचाव और चिकित्सा दल भेजेगा।

प्रधान मंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने कहा, यह वही है जो हम दुनिया भर में करते हैं और यही हम अपने आस-पास के क्षेत्रों में करते हैं। अजरबैजान, ग्रीस, सर्बिया और स्पेन जैसे अन्य देशों ने भी मदद की पेशकश की है।

कैसे हर कारोबार में सफल हो जाते हैं गौतम अडाणी? लोकसभा में राहुल ने केंद्र पर जमकर साधा निशाना

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नई दिल्ली। राष्ट्रपति के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव पर चर्चा के दौरान लोक सभा में विपक्ष की तरफ से पहले वक्ता के तौर पर बोलते हुए राहुल गांधी ने अडानी मसले को उठाते हुए केंद्र सरकार और सीधे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर जमकर निशाना साधा। भाजपा ने पलटवार करते हुए राहुल गांधी पर बिना सबूत के हवा में आरोप लगाने का आरोप लगाते हुए उनसे माफी मांगने की मांग की। राहुल गांधी ने अडानी और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के पुराने संबंधों का जिक्र करते हुए आरोप लगाया कि इस सरकार ने देश के अंदर और देश के बाहर भी अडानी समूह को फायदा पहुंचाने के लिए काम किया। राहुल गांधी ने एक के बाद एक कई आरोपों की झड़ी लगाते हुए हिंडनबर्ग की रिपोर्ट का हवाला देते हुए आरोप लगाया कि शेल कंपनियों का जो पैसा आ रहा है, वो राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए भी खतरा है और भारत सरकार को इसकी जांच करनी चाहिए।

राहुल ने कहा कि केरल, तमिलनाडु और पूर हिंदुस्तान सभी जगह एक नाम सुनने को मिला और वह था सिर्फ अडानी। इस नाम के बारे में जब लोग मुझसे बोलते थे तो दो-तीन सवाल पूछते थे, यह जो अडानी थे। वह किसी भी बिजनेस में घुस जाता था और सफलता प्राप्त करता है, यह कैसे हो रहा है। युवा भी मुझसे पूछते थे कि हम भी जानना चाहता हैं कि यह कैसे इतने सक्सेस हो रहे हैं।

इसके बाद वह पूछ रहे थे कि यह अडानी है। वह 8 से 10 बिजनेस में काम करते हैं। सीमेंट, पोर्ट, एनर्जी और बहुत से लोग पूछते थे कि अडानी का नेटवर्थ जो 2014 से 2022 इतना ज्यादा कैसे आगे बढे। 8 बिलियन से 108 में कैसे पहुंच गए। 2014 में यह 609वें नंबर पर थे। हिमाचल में सेब की बात होती है अडानी जी, कश्मीर में सेब की बात होती है अडानी जी, एयपोर्ट की बात होती है अडानी जी, सडक पर चल रहे है तो अडानी जी, यह इतने बिजनेस में कैसे घुस गए और कैसे सफल हो जाते हैं और इसके साथ ही इनका हिंदुस्तान के पीएम के साथ क्या रिश्ता है। राहुल गांधी के भाषण के दौरान अलग-अलग मौकों पर खड़े होकर केंद्रीय मंत्री प्रल्हाद जोशी, किरेन रिजिजू एवं अर्जुन राम मेघवाल के अलावा भाजपा सांसदों रविशंकर प्रसाद और निशिकांत दुबे सहित अन्य कई नेताओं ने लोक सभा में कड़ा ऐतराज भी जताया।

प्रल्हाद जोशी ने कहा कि राहुल गांधी गलत आरोप लगा रहे हैं, उन्हें सबूतों के साथ बोलना चाहिए। किरेन रिजिजू ने कहा कि राहुल गांधी सदन के बाहर कुछ भी बोले , उन्हें रोक नहीं सकते लेकिन सदन के अंदर उन्हें पूरी जिम्मेदारी, गंभीरता, सबूतों और तथ्यों के साथ अपनी बात रखनी चाहिए। अर्जुन राम मेघवाल ने कहा कि राहुल गांधी बिना किसी सबूत के हवा में अनाप शनाप आरोप लगा रहे हैं, उन्हें सदन में इसके लिए माफी मांगनी चाहिए। रविशंकर प्रसाद और निशिकांत दुबे ने भी राहुल गांधी के आरोपों को पूरी तरह से गलत और झूठ बताते हुए उन्हें साबित करने की चुनौती दी। प्रसाद ने राहुल गांधी को याद दिलाया कि वो भ्रष्टाचार के एक गंभीर मामले में अभी भी जमानत पर है तो वहीं निशिकांत दुबे ने कांग्रेस की पिछली सरकारों पर बिरला, डालमिया और टाटा को बनाने का आरोप लगाया।

राहुल गांधी ने बेरोजगारी, महंगाई और किसानों की समस्या को बड़ी समस्या बताते हुए आरोप लगाया कि राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ, गृह मंत्रालय और एनएसए अजीत डोभाल ने देश की सेना पर अग्निवीर योजना को थोपने का काम किया है जिससे भविष्य में देश में बड़ी समस्या खड़ी हो सकती है। केंद्रीय गृह राज्य मंत्री नित्यानंद राय ने खड़े होकर राहुल गांधी के आरोपों का जवाब देने का प्रयास किया। राहुल गांधी के भाषण के दौरान कई बार सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच नोक-झोंक भी हुई। इस दौरान कांग्रेस सांसदों के अलावा डीएमके, टीएमसी और बसपा के कई सांसद भी लोक सभा में राहुल गांधी का साथ देते नजर आए।

बहती नाक से पीडि़त हैं तो अपनाएं ये 5 घरेलू नुस्खे, जल्द मिलेगा आराम

बहती नाक से पीडि़त हैं तो अपनाएं ये 5 घरेलू नुस्खे, जल्द मिलेगा आराम
इस बदलते मौसम में तापमान और नमी में बदलाव के कारण लोग सर्दी, खांसी और बहती नाक जैसी समस्याओं का सामना कर रहे हैं। ये समस्याएं भले ही आम हों, लेकिन इनके कारण आपको सिर में दर्द, अच्छा महसूस न होना और सांस लेने में मुश्किल जैसी कई परेशानियों का सामना करना पड़ सकता है। आइए आज हम आपको पांच ऐसे घरेलू नुस्खे बताते हैं, जिनसे बहती नाक को जल्दी ठीक किया जा सकता है।

गरम तरल पदार्थ पीएं
बहती नाक से पीडि़त होने पर गरम तरल पदार्थ पीने से आपकी नाक और गले को आराम मिलता है। यह आपके शरीर को हाइड्रेट भी करता है और वायरल संक्रमण को दूर रखने में भी मदद करता है। बहती नाक के लक्षणों से राहत पाने के लिए आप अदरक की चाय, फल और प्याज की चाय, लहसुन की चाय या दालचीनी की चाय भी पी सकते हैं। आप एंटी-बैक्टीरियल गुणों से भरपूर हल्दी का दूध भी पी सकते हैं।

हर्बल भाप लेने से मिलेगा आराम
भाप लेने से बलगम ढीला हो जाता है, जिसके बाद आप इसे आसानी से बाहर निकाल सकते हैं। इससे आपको बहती नाक के लक्षणों को दूर करने में मदद मिलेगी। आप मयानी नामक जड़ी-बूटी का उपयोग करके हर्बल भाप ले सकते हैं, जो अपने कई गुणों के लिए जानी जाती है। इसके लिए मयानी के पत्तों को पानी के साथ उबालकर उसकी भाप लें। इससे आपको तुरंत आराम मिलेगा। आप नीलगिरी के तेल का भी उपयोग कर सकते हैं।

सिकाई करने से मिलेगी राहत
सिकाई करने से आपके साइनस क्षेत्र में ब्लड सर्कुलेशन बढ़ जाता है, जिससे आपको बहती नाक से राहत मिल सकती है। इसके लिए एक सूती कपड़े को गरम पानी में भिगोकर 15 से 20 मिनट के लिए उसे अपने माथे और नाक पर रखें। आप जिस हवा में सांस लेते हैं, उसमें मौजूद नमी से राहत पाने के लिए आप रोजाना कई बार सिकाई कर सकते हैं। इससे आपको कोई भी नुकसान नहीं होगा।

नेति पॉट का भी कर सकते हैं इस्तेमाल
बहती नाक जैसी साइनस की समस्या और बेचैनी के इलाज के लिए नेति पॉट एक प्रभावी उपाय है। यह एक ऐसा उपकरण है, जो नाक और साइनस को बाहर निकालने के लिए उपयोग किया जाता है। दिखने में यह छोटी चायदानी जैसा लगता है। इसका इस्तेमाल करने के लिए पॉट में नमक और गुनगुने पानी का घोल डालें और फिर इस घोल को एक नाक में डालकर दूसरी नाक से निकाल दें।

पर्याप्त नींद लेने का रूटीन बनाएं
बहती नाक की परेशानी रात में ज्यादा खराब हो सकती है क्योंकि जब आप लेटते हैं तो गुरुत्वाकर्षण के कारण बलगम निकलने के बजाय सिर में जमा हो जाता है। इससे बचाव के लिए आप अपने सिर के नीचे एक अतिरिक्त तकिया रख सकते हैं और अपने बिस्तर के किनारे एक कूल-मिस्ट वेपोराइजर रख सकते हैं। इससे बलगम पतला होगा और आपको सांस लेने में आसानी होगी। आप चाहें तो नेजल ब्रीदिंग स्ट्रिप भी पहन सकते हैं।

कानपुर में साढ़े तीन हजार करोड़ रुपये की लागत से एक सोलर ऊर्जा प्लांट लगाने की तैयारी में जुटी केंद्र सरकार की नवरत्न कंपनी एसजेवीएनएल

उत्तर प्रदेश। केंद्र सरकार की नवरत्न कंपनी सतलुज जल विद्युत वितरण निगम लिमिटेड (एसजेवीएनएल) कंपनी कानपुर में साढ़े तीन हजार करोड़ रुपये की लागत से एक सोलर ऊर्जा प्लांट लगाने की तैयारी में है। कंपनी ने इसके लिए उत्तर प्रदेश राज्य औद्योगिक विकास प्राधिकरण के साथ इसको लेकर समझौता ज्ञापन भी साइन कर लिया है।

इसके साथ ही कंपनी ने प्लांट लगाने के लिए प्राधिकरण से घाटमपुर या उसके आसपास के क्षेत्र में करीब 3000 एकड़ जमीन की मांगी है। इस जमीन पर कंपनी करीब 700 मेगावाट क्षमता का सोलर प्लांट स्थापित करेगी। इस प्लांट के लगने से जहां करीब तीन सौ लोगों को रोजगार के अवसर मिलेंगे।

वहीं, प्रदूषण रहित बिजली की वजह से पर्यावरण को लाभ होगा। एसजेवीएनएल के अतिरिक्त महाप्रबंधक सुरेंद्र सिंह ने बताया कि कंपनी जालौन के काल्पी और उरई तहसील में 75-75 मेगावाट के प्लांट स्थापित कर रही है जिनमें काल्पी के परासन गांव में स्थापित प्रोजेक्ट आपरेशन में आ गया है। वहीं, कानपुर देहात के अकबरपुर में भी 50 मेगावाट का एक सोलर पॉवर प्लांट निर्माणाधीन है। सोलर प्लांट से उत्पन्न बिजली अन्य किसी माध्यम से पैदा होने वाली बिजली से सस्ती होती है। कंपनी सीधे तौर पर ओपन मार्केट के अलावा उद्योगों व कानपुर मेट्रो जैसे प्रतिष्ठनों को बिजली बेचने के लिए संपर्क करेगी।

सिंघम अगेन में अक्षय कुमार की एंट्री, सूर्यवंशी बन लौटेंगे अभिनेता

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अक्षय कुमार आने वाले दिनों में कई फिल्मों में अपनी मौजूदगी दर्ज कराएंगे। अब एक और सुपरहिट फिल्म उनके खाते से जुड़ गई है। वही फिल्म, जिसका इंतजार सिने प्रेमियों को बेसब्री से है। फिल्म का नाम है सिंघम अगेन, जिसमें अक्षय की मौजूदगी पर मोहर लग गई है। वह इस फिल्म में सूर्यवंशी का किरदार निभाते नजर आएंगे। इसके जरिए उन्हें एक बार फिर निर्देशक रोहित शेट्टी का साथ मिला है।

रिपोर्ट के मुताबिक, अजय देवगन अभिनीत सिंघम अगेन में अक्षय और रणवीर सिंह दोनों की मौजूदगी की पुष्टि कर दी गई है। मार्वल यूनिवर्स की तरह जहां फिल्म में बाकी कलाकारों के कैमियो दिखाए गए हैं, वहीं अब सिंघम अगेन में भी ऐसे ही कैमियो होंगे। रणवीर की सिम्बा में जैसे अजय और अक्षय ने कैमियो किया, वैसे ही अक्षय की सूर्यवंशी में रणवीर और अजय को देखा गया। अब अजय अभिनीत सिंघम अगेन में अक्षय और रणवीर होंगे।

सूर्यवंशी 2021 में आई थी। 160 करोड़ रुपये के बजट में बनी इस फिल्म ने लगभग 300 करोड़ रुपये कमाए थे। यह रोहित के कॉप यूनिवर्स की चौथी फिल्म थी, जिसमें अक्षय उर्फ वीर सूर्यवंशी का स्वैग और एक्शन दर्शकों को बेहद पसंद आया था। सिंघम अगेन में दीपिका पादुकोण भी दिखाई देंगी। अजय और दीपिका को साथ देखना काफी दिलचस्प होगा। जहां अजय को बाजीराव सिंघम के किरदार में देखने के लिए फैंस बेताब हैं, वहीं कॉप यूनिवर्स में पहली बार दीपिका को फीमेल कॉप के रूप में देखने के लिए भी दर्शक कम उत्साहित नहीं। वह फिल्म में लेडी सिंघम में अवतार में दिखेंगी। दीपिका पहली बार अजय के साथ काम करने वाली हैं। अप्रैल में फिल्म की शूटिंग शुरू हो सकती है।

सिंघम अगेन सिंघम फ्रेंचाइजी की तीसरी फिल्म है। रोहित शेट्टी इस फ्रेंचाइजी के निर्देशक हैं। इसकी पिछली दोनों फिल्में सफल रहीं। 2011 में सिंघम दर्शकों के बीच आई थी और 2014 में सिंघम रिटर्न्स रिलीज हुई थी। इन दोनों ही फिल्मों ने बॉक्स ऑफिस पर धमाल मचा दिया था। सिंघम में अजय के साथ काजल अग्रवाल तो सिंघम रिटर्न्स में करीना कपूर नजर आई थीं। दोनों ही फिल्मों में अजय ने पुलिस इंस्पेक्टर बाजीराव सिंघम की भूमिका निभाई।
अक्षय चर्चित इंजीनियर जसवंत सिंह गिल की बायोपिक कैप्सूल गिल का हिस्सा हैं। गिल ने 1989 में अपनी जान जोखिम में डालकर कोयला खदान के 65 मजदूरों की जान बचाई थी।

वह वेडात मराठे वीर दौडले सात से मराठी फिल्मों में कदम रखने जा रहे हैं। इसमें वह शिवाजी महाराज की भूमिका निभाएंगे। अक्षय फिल्म बड़े मियां छोटे मियां में दिखेंगे। वह फिल्म सेल्फी में काम कर रहे हैं। सी शंकरन नायक की बायोपिक भी उनके खाते से जुड़ी है। नायर पेशे से मद्रास हाई कोर्ट में वकील और जज थे, जो हमेशा सच का साथ देते थे। 1897 में शंकरन इंडियन नेशनल कांग्रेस से जुड़े। वह सबसे कम उम्र के मलयाली कांग्रेस अध्यक्ष बने। उन्हें 1912 में अंग्रेजों ने नाइटहुड की उपाधि दी थी।

आईटीबीपी के जवान ने खुद को गोली मारकर किया आत्महत्या का प्रयास, जांच में जुटी पुलिस

देहरादून। सीमाद्वार में आईटीबीपी के जवान ने खुद को गोली मारकर आत्महत्या का प्रयास किया। जवान ने सर्विस इंसास राइफल से गोली चलाई। अभी तक आत्महत्या की वजह सामने नहीं आई है, लेकिन पुलिस जांच में जुट गई है। जवान को अस्पताल ले जाया गया है।

बुधवार को हेड कांस्टेबल सिद्धिराम गौड़ ने खुद को गोली मारकर आत्महत्या का प्रयास किया। आईटीबीपी जवान के साथियों ने जवान को अस्पताल में भर्ती कराया, जहां उसका इलाज चल रहा है। डिप्टी कमांडेंट आईटीबीपी विपिन मिश्रा की तहरीर पर वसंत विहार थाने में सिद्धीराम के खिलाफ आत्महत्या का प्रयास करने के आरोप में मुकदमा दर्ज किया गया। पुलिस भी जांच में जुटी है।

मुख्य सचिव डॉ. एस. एस. संधु ने पर्यटन विभाग द्वारा संचालित विभिन्न योजनाओं एवं गतिविधियों की समीक्षा की

देहरादून। मुख्य सचिव डॉ. एस.एस. संधु ने सचिवालय में पर्यटन विभाग द्वारा संचालित विभिन्न योजनाओं एवं गतिविधियों की समीक्षा की। मुख्य सचिव ने प्रदेश में पर्यटन को आर्थिकी को मजबूत करने के लिए एक महत्त्वपूर्ण श्रोत बताया। उन्होंने कहा कि उत्तराखण्ड को प्रकृति ने पर्यटन की दृष्टि से बहुत अधिक समृद्ध बनाया है। मुख्य सचिव ने पिछली बैठक के निर्देशों के अनुपालन में पर्यटन विभाग द्वारा की गई तैयारियों की जानकारी ली। उन्होंने कहा कि राफ्टिंग और कयाकिंग के लिए सर्वे करवा कर नए स्थानों का चिन्हीकरण कर राफ्टिंग और कयाकिंग को बढ़ावा दिया जाए।

उन्होंने पैरा सेलिंग, वाटरबाइक, ऐरो पैरामोटर, ऐरो पैराग्लाइडिंग आदि गतिविधियों को बढ़ावा दिए जाने की आवश्यकता बताई। उन्होंने कहा कि इन गतिविधियों को बढ़ावा दिए जाने के लिए स्पर्धाएं एवं कार्यक्रमों का आयोजन किया जाए। इनका प्रचार प्रसार भी किया जाए ताकि पर्यटक इनकी ओर आकर्षित हों। मुख्य सचिव ने कहा कि टिहरी झील में हाउस बोट और क्रूज आदि के साथ ही फिक्स्ड हॉट एयर बैलून की संभावनाओं को तलाशा जाए। उन्होंने कहा कि हिमालय दर्शन योजना के अंतर्गत मंदाकिनी घाटी की खूबसूरती को एक्सप्लोर किए जाने की आवश्यकता है।

मुख्य सचिव ने एस्ट्रो टूरिज्म की दिशा में हुई प्रगति की जानकारी लेते हुए कहा कि उत्तराखण्ड का वातावरण इसके लिए उपयुक्त है। उन्होंने कहा कि बेनिताल एस्ट्रो विलेज की तर्ज पर आसपास अन्य एस्ट्रो विलेज पर तेजी से कार्य करते हुए चारधाम यात्रियों को इस और आकर्षित किया जा सकता है। उन्होंने प्रत्येक जिले में कम से कम एक एस्ट्रो विलेज विकसित किए जाने के भी निर्देश दिए।

मुख्य सचिव ने रोपवे परियोजनाओं की प्रगति की समीक्षा करते हुए, रोपवे परियोजनाओं को शीघ्र पूर्ण किए जाने के निर्देश दिए। साथ ही उन्होंने चारधाम यात्रा ऑफिस, मानसखंड कॉरिडोर के कार्यों में भी गति लाने के निर्देश दिए। मुख्य सचिव ने ट्रैकर्स और पर्वतारोहियों को रेडियो बैंड उपलब्ध कराए जाने हेतु व्यवस्थाएं सुनिश्चित किए जाने के भी निर्देश दिए। कहा कि इस क्षेत्र में बहुत सी तकनीकें उपलब्ध हैं। उनका अध्ययन कर सबसे उपयुक्त वर्ल्ड क्लास टेक्नोलॉजी का प्रयोग किया जाए।

इस अवसर पर सचिव सचिन कुर्वे सहित अन्य सम्बन्धित अधिकारी उपस्थित थे।