उत्तराखंड

प्रदेश अध्यक्ष महिला कांग्रेस ज्योति रौतेला के नेतृत्व में डीएम कार्यालय का घेराव

देहरादून:  उत्तराखंड प्रदेश महिला कांग्रेस की प्रदेश अध्यक्ष ज्योति रौतेला के नेतृत्व में शनिवार को “छात्रों की गूंज” कार्यक्रम के तहत जिलाधिकारी कार्यालय का जोरदार घेराव एवं प्रदर्शन किया गया। जंतर-मंतर पर शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रहे छात्रों पर हुए कथित लाठीचार्ज, प्रदेश की लचर शिक्षा व्यवस्था, लोकतांत्रिक अधिकारों पर बढ़ते हमलों तथा युवाओं के भविष्य से जुड़े मुद्दों को लेकर आयोजित इस प्रदर्शन में छात्र-छात्राओं, युवा कांग्रेस, महिला कांग्रेस एवं कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने बड़ी संख्या में भाग लिया।

दोपहर लगभग 12:30 बजे शुरू हुए प्रदर्शन के दौरान अचानक मूसलाधार बारिश शुरू हो गई, लेकिन बारिश आंदोलनकारियों के हौसले को तनिक भी डिगा नहीं सकी। कार्यकर्ता घंटों तक बारिश में भीगते हुए पूरे जोश और उत्साह के साथ “अमित शाह इस्तीफा दो”, “लोकतंत्र बचाओ”, “शिक्षा में सुधार करो”, “छात्रों पर अत्याचार बंद करो”, “तानाशाही नहीं चलेगी” जैसे गगनभेदी नारों के साथ सरकार के खिलाफ प्रदर्शन करते रहे। लगभग दो से तीन घंटे तक चले इस आंदोलन से पूरा डीएम कार्यालय परिसर नारों से गूंजता रहा।

प्रदर्शनकारियों ने आरोप लगाया कि देश में लोकतांत्रिक अधिकारों का लगातार दमन किया जा रहा है तथा छात्रों और युवाओं की आवाज़ को लाठियों के बल पर दबाने का प्रयास किया जा रहा है। प्रदर्शन के बाद डीएम कार्यालय से कचहरी रोड तक जोरदार विरोध मार्च निकाला गया। इस दौरान पुलिस द्वारा प्रदर्शनकारियों को रोकने का प्रयास किया गया, जिससे पुलिस और कार्यकर्ताओं के बीच हल्की धक्का-मुक्की एवं नोकझोंक भी देखने को मिली। हालांकि कार्यकर्ताओं ने शांतिपूर्वक अपना विरोध दर्ज कराया और कार्यक्रम का समापन किया।

इस अवसर पर प्रदेश अध्यक्ष ज्योति रौतेला ने कहा कि जंतर-मंतर पर छात्रों पर हुआ लाठीचार्ज लोकतंत्र पर सीधा हमला है। उन्होंने कहा कि लोकतांत्रिक देश में अपनी बात रखना हर नागरिक का संवैधानिक अधिकार है, लेकिन केंद्र सरकार छात्रों की आवाज़ को भी दबाने का प्रयास कर रही है। उन्होंने कहा कि जिस प्रकार इस पूरे घटनाक्रम पर प्रधानमंत्री Narendra Modi का बयान सामने आया, उससे देशभर के छात्र-युवाओं की भावनाएं आहत हुई हैं।

उन्होंने कहा कि नीट परीक्षा से जुड़े विवादों और तनाव के कारण अनेक विद्यार्थियों ने अपनी जान गंवाई है, जो अत्यंत दुखद और चिंताजनक है। ऐसे संवेदनशील विषयों पर केंद्र सरकार को अपनी जिम्मेदारी स्वीकार करनी चाहिए तथा प्रधानमंत्री देश के छात्र-युवाओं से माफी मांगें। साथ ही जंतर-मंतर में छात्रों पर हुए लाठीचार्ज की नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह तत्काल अपने पद से इस्तीफा दें।

उन्होंने कहा कि महिला कांग्रेस छात्रों, युवाओं और लोकतंत्र की आवाज़ को दबाने के हर प्रयास का सड़क से सदन तक पुरजोर विरोध करेगी। यदि छात्रों के साथ अन्याय और दमन की कार्रवाई नहीं रुकी तो आंदोलन को और व्यापक बनाया जाएगा।

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