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मध्य प्रदेश में बारिश ने ढाया कहर, कई इलाकों में तेज बारिश के चलते किसानों की फसल हुई बर्बाद

मध्य प्रदेश। चार दिन से मौसम का मिजाज बिगड़ा हुआ है। लगातार बारिश-ओलावृष्टि के कारण जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया है। आने वाले दो-तीन दिनों में बारिश और ओलावृष्टि इसी तरह जारी रहेगी। पिछले 24 घंटे में कई जिलों में तेज हवा के साथ बारिश और ओलावृष्टि हुई। कई इलाकों की फसलें बर्बाद हो चुकी हैं। बारिश के कारण अधिकतम तापमान में गिरावट देखने को मिली है।

मौसम केंद्र की रिपोर्ट कहती है कि बीते 24 घंटों के दौरान प्रदेश के शहडोल, चंबल, रीवा, जबलपुर, उज्जैन, भोपाल संभागों के जिलों में अधिकांश स्थानों पर तथा शेष संभागों के जिलों में अनके स्थान पर वर्षा दर्ज की गई। मनगवां में 9, देवसर, ब्योहारी, नईगढ़ी में 5, सरई, बहोरीबंद, मंडला, गाडरवारा, जवा, गढ़ में 4, इछावर, चुरहट, हुजूर, माडा, पुष्पराजगढ़, हनुमाना, नौरोजाबाद, सलीमनाबाद, बाकल, बैहर, मऊगंज, पाली, सुल्तानपुर, कुरवाई, आगर, गोहरगंज में 3 सेमी तक पानी गिरा है। इसके अलावा मंडला में 40, रीवा में 20.2, सीधी में 17.6, खजुराहो में 14, दमोह में 11, रायसेन में 9.6, खरगोन में 8.8, गुना में 8, शिवपुरी में 6.4, बैतूल में 6.2, भोपाल सिटी में 4.2, उज्जैन में 4, भोपाल में 3.8, उमरिया में 2.8, सागर में 2.4 , नरसिंहपुर में 2 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई।
अगले 24 घंटों की बात करें तो मौसम विभाग का पूर्वानुमान कहता है कि भोपाल, शहडोल, जबलपुर, नर्मदापुरम, रीवा, सागर, ग्वालियर, चंबल संभागों के जिलों में तथा नीमच, मंदसौर जिलों में कुछ स्थानों पर, इंदौर संभाग के जिलों में तथा उज्जैन, रतलाम, शाजापुर, देवास, आगर जिलों में कहीं-कहीं गरज-चमक के साथ बौछारें पड़ सकती हैं। मौसम विभाग का ऑरेंज अलर्ट बता रहा है कि सागर, रीवा, ग्वालियर, चंबल संभाग के जिलों में तथा नीमच, मंदसौर जिलों में कहीं-कहीं ओलावृष्टि एवं वज्रपात की आशंका है। हवा की गति भी 40 किमी प्रतिघंटे तक रह सकती है। यलो अलर्ट के मुताबिक शहडोल, भोपाल, जबलपुर, नर्मदापुरम संभागों के जिलों में तथा उज्जैन, शाजापुर, आगर जिलों में कहीं-कहीं बिजली गिरने की आशंका जताई गई है।

मध्य प्रदेश के भी कई जिलों में लगातार बारिश और आंधी के कारण जान-जीवन व्यस्त हो गया है। मौसम विभाग की तरफ से जारी ताजा रिपोर्ट के अनुसार प्रदेश में आने वाले दिनों में बारिश और ओलावृष्टि इसी तरह जारी रहेगी। मौसम विज्ञानियों के मुताबिक पश्चिमी विक्षोभ और चक्रीय चक्रवाती घेरे के कारण मध्य प्रदेश के मौसम में बदलाव का दौर जारी है। इरान व अफगानिस्तान पर एक पश्चिमी विक्षोभ एक्टिव है। इसके अलावा पूर्वी राजस्थान व उससे सटे पश्चिमी मप्र में चक्रवाती हवाओं का घेरा बना हुआ है। यहां द्रोणिका लाइन भी उत्तर छत्तीसगढ़, झारखंड होते हुए बंगाल की खाड़ी तक जा रही है। इस वजह से अभी बंगाल की खाड़ी से प्रदेश के कुछ इलाकों की ओर नमी आ रही है।

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