उत्तराखंड

प्रदेशभर में आज मनाई जा रही चैत्र महाअष्टमी, मंदिरों से लेकर घरों में महागौरी के रुप में की जा रही मातारानी की पूजा- अर्चना

देहरादून। नवरात्रि के 9 दिन हिंदू धर्म में बेहद पवित्र और महत्वपूर्ण माने जाते हैं, इन नौ दिनों में मां दुर्गा के 9 रूपों की विशेष आराधना और पूजा पाठ की जाती है। माना जाता है कि इन 9 दिनों में मां दुर्गा खुद धरती पर विचरण करने आती हैं। उस पर नवरात्रि की अष्‍टमी तिथि का तो विशेष महत्‍व है क्‍योंकि इसी दिन मां दुर्गा असुरों का संहार करने के लिए प्रकट हुईं थीं। आज 29 मार्च, बुधवार को दुर्गा अष्‍टमी है। अष्‍टमी के दिन मातारानी के मां महागौरी रूप की पूजा की जाती है। साथ ही आज कन्‍या पूजन करने का बेहद महत्‍व है। वहीं कल 30 मार्च, गुरुवार को मां सिद्धिदात्री की पूजा की जाएगी।

इस बार दुर्गा अष्टमी पर बेहद शुभ योगों का दुर्लभ संयोग बन रहा है। अष्‍टमी के दिन कन्या पूजन और मां दुर्गा की पूजा करने का बहुत लाभ होता है। ऐसा करने से जीवन के तमाम कष्टों से छुटकारा मिलता है और शत्रुओं पर विजय मिलती है। वहीं आज अष्‍टमी पर बन रहे शुभ योग में किया गया हवन, पूजन, कन्‍या पूजन बहुत लाभ देगा।

इस बार अष्टमी तिथि पर 2 शुभ योग बन रहे हैं। पहला शोभन और दूसरा रवि योग। शोभन योग 28 मार्च की रात 11: 36 मिनट से शुरू हो चुका है, वहीं रवि योग समाप्त 29 मार्च की दोपहर 12: 13 मिनट तक रहेगा। ऐसे में आज 29 मार्च को कन्या पूजन करने का शुभ मुहूर्त दोपहर12:13 मिनट तक है।

अष्‍टमी के दिन 2 से 9 साल तक की कन्याओं का पूजन करने का विशेष महत्‍व है। इसके लिए पहले कन्‍याओं के साफ पानी से पैर धुलाएं। फिर उन्‍हें खीर-पूरी, काले चने का सम्‍मानपूर्वक भोजन कराएं। इसके बाद उन्‍हें सामर्थ्‍य अनुसार भेंट दें और पैर छूकर उनका आशीर्वाद लें। ऐसा करने से मातारानी खूब प्रसन्‍न होती हैं।

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