उत्तराखंड

कोटद्वार में बाढ़ से क्षतिग्रस्त पुलों व तटबंध का जल्द होगा पुनर्निर्माण

स्पीकर ने सिंचाई मंत्री से बाढ़ राहत कार्य शुरू करने को कहा

देहरादून। विधानसभा अध्यक्ष ऋतु खण्डूडी व सिंचाई मंत्री सतपाल महाराज ने आपदा से कोटद्वार में हुए नुकसान पर चर्चा की। इस दौरान विधानसभा अध्यक्ष ने कोटद्वार क्षेत्रान्तर्गत सिंचाई कार्यमण्डल श्रीनगर (गढ़वाल) द्वारा रूपये 20.00 लाख तक की योजनाएं लघु निर्माण / राज्य सैक्टर के अन्तर्गत नवीनतम एस0ओ0आर0 के कार्य / योजनाओं से सम्बन्धित 21 प्रस्ताव अनुमोदन / स्वीकृति हेतु मंत्री को सौंपे।

विधानसभा अध्यक्ष ने कैबिनेट मंत्री को कोटद्वार में बाढ़ से हुए नुकसान की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि कोटद्वार में बाढ़ से पुल , पुलिए ,सड़के ,तटबंध काफी क्षतिग्रस्त हुए हैं जिनके पुनर्निर्माण हेतु युद्धस्तर पर कार्य करने होंगे।

विधानसभा अध्यक्ष ने बाढ़ प्रभावितों को और बाढ़ से हुए नुकसान के सर्वे करने पर तुरंत मुआवजा देने की बात कही। इस दौरान विधानसभा अध्यक्ष ने सतपाल महाराज को लोक निर्माण विभाग के अंतर्गत विभिन्न कार्य योजना के प्रस्ताव सौंपे। जिनमे गाडीघाट में खोह नदी पर 100 मी0 स्पॉन आर०सी०सी० सेतु कासु रक्षात्मक कार्य , कौडिया-मोटाढाक मार्ग पर बी०ई०एल० के निकट सुखरौ नदी पर 300 मी० स्पॉन डबल लेन आर०सी०सी० सेतु का सुरक्षात्मक कार्य,कोटार में रामनगर- लालढांग- कालागढ़- कोटद्वार (चिल्लरखाल – सिगड्डी- कोटद्वार- पाखरी) मोटर मार्ग में 150 मीटर स्पॉन सिद्धबली सेतु का सुरक्षात्मक कार्य , खोह नदी में स्थित 90 मीटर स्पॉन सेतु की कर्टेनवाल का निर्माण कार्य ,खोह नदी पर 100 मीटर आर०सी०सी० गूलर सेतु का सुरक्षात्मक कार्य जैसे प्रस्ताव मंत्री को सौंपे।

कैबिनेट मंत्री सतपाल महाराज ने विधानसभा अध्यक्ष द्वारा दिए गए प्रस्तावों पर कार्य करने का आश्वासन दिया। उन्होंने कहा की सरकार पूर्ण तरीके से कोटद्वार के बाढ़ पीड़ितों के साथ है सरकार बाढ़ पीड़ितों के लिए हर संभव प्रयास कर रही है।

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