उत्तराखंड

त्यूणी में भीषण अग्निकांड का शिकार हुए चार मासूमों में से तीन के अधजले शव हुए बरामद, बिलख- बिलख कर रोने लगे परिजन

देहरादून। त्यूनी में हुए भीषण अग्निकांड के शिकार हुए चार मासूमों में से तीन के अधजले शव बरामद कर लिए गए। परिजनों ने कलेजे पर पत्थर रखकर बच्चों की पहचान की। बीते बृहस्पतिवार की रात को ही एसडीआरएफ के जवानों ने टार्च और सर्च लाइट की मदद से बच्चों के शवों की तलाश के लिए सर्च ऑपरेशन शुरू कर दिया था। देर रात ही दो बच्चों के अधजले शव बरामद कर लिए गए थे। ऑपरेशन सुबह 4:30 बजे तक चला। सुबह सात बजे फिर से सर्च ऑपरेशन शुरू किया। करीब नौ बजे एक अन्य बच्चे का शव बरामद हुआ। चौथे बच्चे के शव को बरामद करने के लिए एसडीआरएफ का सर्च ऑपरेशन देर शाम तक जारी रहा।

देर रात एसएसपी दलीप सिंह कुंवर और एसपी देहात कमलेश उपाध्याय मौके पर पहुंचीं। उन्होंने सर्च ऑपरेशन का जायजा लिया। सुबह बच्चों की शिनाख्त के लिए परिजन पहुंचे। बच्चों के अधजले शव देख परिजन बिलख-बिलख कर रोने लगे। कलेजे पर पत्थर रखकर परिजनों ने अपने बच्चों की पहचान की। थानाध्यक्ष त्यूनी आशीष रवियान ने बताया कि अधिरा (5) के अधजले शव पर कपड़े चिपके हुए थे। जिस आधार पर परिजनों ने उसकी शिनाख्त की। वहीं कद के आधार पर परिजनों ने सोनम (9) की पहचान की, जबकि एक बच्चे का अधजला हाथ मिला।

जिसके आधार पर परिजनों ने उसकी पहचान समृद्धि उर्फ रिद्धी (9) के रूप में की। थानाध्यक्ष ने बताया कि पंचायतनामा और पोस्टमार्टम की कार्रवाई के बाद शव परिजनों को सौंप दिए गए। टौंस नदी किनारे गमगीन माहौल में तीनों बच्चों के शवों का अंतिम संस्कार किया गया। नम आंखों से उन्हें विदाई दी गई। मकान में लगी आग ने तीन सगी बहनों के बच्चे लील लिए।
इस हृदय विदारक घटना ने पूरे क्षेत्रवासियों को झकझोर कर रख दिया है। बच्चों की पढ़ाई के लिए तीनों परिवार कुछ ही दिन पहले इस मकान में साथ रहने के लिए इकट्ठा हुए थे, लेकिन आग की घटना ने परिवारों से उनके बच्चों को ही छीन लिया।

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